हताश! निराश! अकेली सुनसान! राहों पर मैं दौड़ती जा रही थी! बेतहाशा,परेशान मंजिल की तलाश में !! पहाड़ों ने रोका सम...
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मैथिली
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कनिक हमरा चाही, हृदय से सम्मान : कवियत्री sony Choudhary
मांगि रहल छी हम अप्पन पहचान ताहि से सब क़ियो बनि गेलैथ अंजान।। कनिक मांगैत छी एहि माटी के मान कनिक हमरा चाही, हृदय से...
सुनसान राहों में अनजानी चाहो में जिए जा रही हूं जिए जा रही हूं | SONY CHOUDHARY
अकेले ही आगे बढ़ती जा रही हूँ ! नहीं कोई साथी नहीं कोई मंजिल अकेले अकेले चली जा रही हूं, मिले जो भी अबतक वो परछाई ही है, चली जा र...
मैं नारी हू नादान नहीं : सोनी चौधरी कवियत्री
मैं नारी हू नादान नहीं तृष्णाओं का सामान नहीं रचती हूं जग की हर रचना पालन करती हूं आंचल में पीती हू आंसू पल पल मैं पीड़ाओं से अनज...
ये है नारी जीवन : sony Choudhary
नारी जीवन त्याग और ममता की मूरत दयामयी करुणामयी सूरत सकल सुमंगल दायिनी बन अर्पित करती है तन मन ये है नारी जीवन। रामायण की सीता बन...
हम अहा केर प्रेम छी : कवियत्री सोनी चौधरी
प्रेम!! अहां कतय छी ? अहा के कोनो पक्का पता अछि?? किए बनल छी अनजान बताबू अपन ठेकान खोजि रहल छी सब ठाम मंदिरमे,मकानमे भीड़मे,सुनस...
हर रूप में मै हूँ : नारी शक्ति कविता | SONY CHOUDHARY
हर रूप में मै हूँ !! मै दुर्गा हूँ मै ही काली हूँ मै सीता हूँ मैं ही गौरी हूँ ! ............. ***************************** निचा म...
FACEBOOK के महिमा : मैथिली कविता
कियो मित्र कहला की "फेसबुक" बेकार समयक बर्बादी आओर थिक मायाजाल । हम कहलों रुकु कनिक करियौ विचार ओहि से पहचान ओहि में हमर...
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