*अब ओ गाम कहाँ छै* 🌺
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🐿पाहून-परक केर सत्कार कहाँ छै,
🐿खान-पानक ना-ना प्रकार कहाँ छै।
🐿बैसार करैत ओ दलान कहाँ छै,
🐿चौक-चौराहा, थैर-बथान कहाँ छै।
🐿फगुआ मे ओ रंग कहाँ छै
🐿धिया-पुता मे ओ उमंग कहाँ छै।
🐿आब राम-सीता केर ओ नाम कहाँ छै,
🐿आब मिथिला मे ओ गाम कहाँ छै।
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🐿आमक गाछी मे मचान कहाँ छै,
🐿मांछ-भात, पान, माखन कहाँ छै।
🐿तिलकोर, बड़ी-अदौड़ी कहाँ छै,
🐿पौती, सिक्की, मौनी कहाँ छै।
🐿पाग, जनेऊ, खराम कहाँ छै,
🐿आब मिथिला मे ओ गाम कहाँ छै।
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🐿कनियाँ-पुतरा के खेल कहाँ छै,
🐿आम, जामुन आ बेल कहाँ छै।
🐿सामा-चकेबा के रीत-रिवाज कहाँ छै,
🐿पराती गावैत ओ अवाज कहाँ छै।
🐿भोरे उठी माँ-पिता के प्रणाम कहाँ छै,
🐿आब मिथिला मे ओ गाम कहाँ छै।
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🐿सखी-बहिनपाक हँसी ठिठोली कहाँ छै,
🐿चोर-सिपाही, आँखि-मिचोली कहाँ छै।
🐿भार-भरिया, डोली-कहार कहाँ छै,
🐿धार-पोखैर ओ ईनार कहाँ छै।
🐿आब बाड़ी मे ओ लताम कहाँ छै,
🐿आब मिथिला मे ओ गाम कहाँ छै।
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🐿पमरिया केर ओ नाच कहाँ छै,
🐿उखैर-समाठ आ जांत कहाँ छै।
🐿जट-जटिन के खेल कहाँ छै,
🐿भाई-भाई मे आब मेल कहाँ छै।
🐿सुंदर अपन मिथिला धाम कहाँ छै,
🐿आब मिथिला मे ओ गाम कहाँ छै।
🙏जय मैथिल..........🙏जय मिथिला
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