इ रहल माँ इ रहल माँ दुर्गामंदिर जेकर निर्माण सन
भवानी, जय माता दि जेकर निर्माण सन
1962 में भेल आ पूनः निर्माण 2012 में
भेल ! बुढ पूरान लोकैन कहै छै जे बाबू इ
मंदिर के कारण हमर सभक गाम आ गामक
लोक जीवत बाचल छैथ अखन धरी , पूछला
पर ज्ञात भेल जे एक समय में एहि गाम में
बड पैघ आकाल पड़ल रहै सब गोटे मरै
लगलैन ,, आउर पैघ विपती त तखन आयल
किछ दिन पश्चात गाम में आइग लागे के
घटना खुब ज्यादा होबय लागल ! तब गाम
के किछ लोक जाही में दुर्गापट्टी गामक
सबसे ज्यादा चर्चित मनुख रहथि जिनकर
नाम """स्वर्गीय वासुदेव ठाकुर"" छलाह वो
महात्मा छलाह वो एक दिन घुमैत रहथी
बाग में त उनका एकटा बाबा मिलल और वो
कहलथिन जे आँहा कियक परेशान छि , त
उनका सबटा बात सुनौलखिन तखन वो
बाबा ध्यान द कहलखिन जे अहाँ गामक
सबटा विपदा खतम् भ जायत जौ हमर
कहल करब तब ठाकुर जी कहलखिन जे
हमरा गामक लोक लेल जे भी करै परत
उनकर जीनगी बचाबय लेल करब अहाँ
कहु, बाबा कहलखिन जे बिना कोनो आन
गांव से धन जमा केनै अपन गामक सभक
लोक मिल क अपने स माँ दुर्गा के मंदिर
निर्माण करब त सभटा समस्या खतम भ
जायत , ठाकुर जी हाँ में जबाब देलखीन आ
बाबा के पैर छूबै लैल झुकल आ पूनःउठल
तब तक उ बाबा अदृश्य भ चुकल छल फेर
राती मे पूरा समाज के बैसार क सभटा बात
राखल गेल आ भोरे स एहि काम में सभ
गोटे लाईग गेलैन , आउर इ मंदिर तीन दिन
में तैयार क लेलखीन और मंदिर में भगवती
के स्थापना क प्रेम सँ पूजा कैल गेल !
तहिया सँ अभी तक गांव में कोनो विपदा
समाप्त भ गेल ! जय माँ भगवती जय माँ
1962 में भेल आ पूनः निर्माण 2012 में
भेल ! बुढ पूरान लोकैन कहै छै जे बाबू इ
मंदिर के कारण हमर सभक गाम आ गामक
लोक जीवत बाचल छैथ अखन धरी , पूछला
पर ज्ञात भेल जे एक समय में एहि गाम में
बड पैघ आकाल पड़ल रहै सब गोटे मरै
लगलैन ,, आउर पैघ विपती त तखन आयल
किछ दिन पश्चात गाम में आइग लागे के
घटना खुब ज्यादा होबय लागल ! तब गाम
के किछ लोक जाही में दुर्गापट्टी गामक
सबसे ज्यादा चर्चित मनुख रहथि जिनकर
नाम """स्वर्गीय वासुदेव ठाकुर"" छलाह वो
महात्मा छलाह वो एक दिन घुमैत रहथी
बाग में त उनका एकटा बाबा मिलल और वो
कहलथिन जे आँहा कियक परेशान छि , त
उनका सबटा बात सुनौलखिन तखन वो
बाबा ध्यान द कहलखिन जे अहाँ गामक
सबटा विपदा खतम् भ जायत जौ हमर
कहल करब तब ठाकुर जी कहलखिन जे
हमरा गामक लोक लेल जे भी करै परत
उनकर जीनगी बचाबय लेल करब अहाँ
कहु, बाबा कहलखिन जे बिना कोनो आन
गांव से धन जमा केनै अपन गामक सभक
लोक मिल क अपने स माँ दुर्गा के मंदिर
निर्माण करब त सभटा समस्या खतम भ
जायत , ठाकुर जी हाँ में जबाब देलखीन आ
बाबा के पैर छूबै लैल झुकल आ पूनःउठल
तब तक उ बाबा अदृश्य भ चुकल छल फेर
राती मे पूरा समाज के बैसार क सभटा बात
राखल गेल आ भोरे स एहि काम में सभ
गोटे लाईग गेलैन , आउर इ मंदिर तीन दिन
में तैयार क लेलखीन और मंदिर में भगवती
के स्थापना क प्रेम सँ पूजा कैल गेल !
तहिया सँ अभी तक गांव में कोनो विपदा
समाप्त भ गेल ! जय माँ भगवती जय माँ
भवानी, जय माता दि

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